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मेरे टखनों, पैरों और हाथों में सूजन कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सूजन इसलिठहोती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपका शरीर सामानà¥à¤¯ से बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तरल पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ कर रहा है। आपको शरीर में कहीं à¤à¥€ सूजन हो सकती है, मगर इसके टांगों, टखनों, पैरों और उंगलियों पर होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहती है। इस तरह की सूजन को इसे इडिमा या शोफ कहा जाता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान इडिमा होना काफी आम है। यह à¤à¤• सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, खासकर कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में।
जैसे-जैसे आपका गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠविकसित होता है, आपका बढ़ता गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ शà¥à¤°à¥‹à¤£à¥€ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में रकà¥à¤¤ वाहिकाओं पर दबाव डालता है। शरीर के दाहिने हिसà¥à¤¸à¥‡ में बड़ी नस इनà¥à¤«à¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤° वीना कावा जिसे निचले अंगों से रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है, वह इससे विशेषतौर पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है।
गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠऔर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के दबाव की वजह से उस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में रकà¥à¤¤ संचरण धीमा हो जाता है, जिससे खून इकटà¥à¤ ा होने लगता है। इस वजह से पानी नीचे आपके पैरों और टखनों की तरफ आ जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में पहà¥à¤‚चने पर यह सूजन आपके हाथों पर à¤à¥€ असर डाल सकती है। अगर, आपने अंगूठियां पहनी हà¥à¤ˆ हैं, तो वे अब आपको उंगलियों में कसी हà¥à¤ˆ लग सकती हैं।
सूजन सà¥à¤¬à¤¹ के समय ठीक रहती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आप बिसà¥à¤¤à¤° में लेटी हà¥à¤ˆ थीं। दिन गà¥à¤œà¤°à¤¨à¥‡ के साथ-साथ यह और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ती जाती है। दिन के अंत में यदि आप टखनों के पास की अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को दबाकर देखेंगी, तो पाà¤à¤‚गी कि यह शायद तà¥à¤°à¤‚त उछाल के साथ वापिस अपने सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर न आà¤à¥¤
सूजे हà¥à¤ टखनों और पैरों की वजह से असहजता और à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ महसूस हो सकता है। कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° इनमें सà¥à¤ˆ जैसी चà¥à¤à¤¨ à¤à¥€ लग सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इडिमा होना कितना आम है?
दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤µà¤¶, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इडिमा होना काफी आम है, विशेषकर की तीसरी तिमाही में।
करीब 50 से 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को कà¥à¤› हद तक सूजन होती है, और गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में यह और बढ़ सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सूजन कब गंà¤à¥€à¤° हो सकती है?
हालांकि, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान हाथों और पैरों में थोड़ी-बहà¥à¤¤ सूजन होना सामानà¥à¤¯ है, मगर यदि आपको अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• सूजन लगे तो अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। हाथों और चेहरे पर सूजन पà¥à¤°à¥€-à¤à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¤ªà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ का संकेत हो सकता है। यह आपके और आपके शिशॠके लिठगंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है और इसमें तà¥à¤°à¤‚त चिकितà¥à¤¸à¤•ीय देखरेख की जरà¥à¤°à¤¤ होती है।
यदि आप à¤à¤• टांग में दूसरी की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सूजन लगे तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। à¤à¤¸à¤¾ खून का थकà¥à¤•ा जमने की वजह से हो सकता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को डीप वेन थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (डीवीटी) कहा जाता है, जिसके लिठआपको चिकितà¥à¤¸à¤•ीय मदद चाहिठहोगी।
डीवीटी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
à¤à¤• टांग में दरà¥à¤¦, सूजन या संवेदनशीलता, आमतौर पर पिं​डली में
उस जगह पर तेज दरà¥à¤¦ और तà¥à¤µà¤šà¤¾ हलà¥à¤•ी गरà¥à¤® महसूस होना
तà¥à¤µà¤šà¤¾ लाल होना, विशेषकर पिंडली की तरफ
हाथों और पैरों में सूजन से राहत के लिठमैं कà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ व कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² रहने से सूजन कम करने में मदद मिल सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे रकà¥à¤¤ संचरण को बढ़ावा मिलता है।
दवा के तौर पर मूतà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤§à¤• लेने की सलाह नहीं दी जाती। मूतà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤§à¤• गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ं को पानी और सोडियम जारी करने में मदद करते हैं, ताकि शरीर से तरल बाहर निकले। मूतà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤§à¤•ों के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की बजाय आप सूजन कम करने के निमà¥à¤¨ उपाय आजमा सकती हैं:
जब à¤à¥€ संà¤à¤µ हो, अपने पैरों को थोड़ी ऊंची सतह पर रखकर बैठें। दफà¥à¤¤à¤° में अपनी डेसà¥à¤• के नीचे सà¥à¤Ÿà¥‚ल या बकà¥à¤¸à¤¾ रखकर पैरों को उसपर रखें।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लंबे समय तक खड़ी न रहें, बीच-बीच में उठें और थोड़ा चले-फिरें। इससे हाथ-पैरों में नीचे की तरफ खून इकटà¥à¤ ा होने से बचाव होगा।
घर में जब à¤à¥€ संà¤à¤µ हो अपने बाईं तरफ करवट लेकर लेटें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे वीना कावा नस पर दबाव नहीं पड़ता।
बैठे हà¥à¤ अपनी टांगों या टखनों को à¤à¤• के उपर à¤à¤• न रखें।
टखनों की सूजन कम करने के लिठपैरों की à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें। 30 बार पैर को उपर और नीचे की तरफ करें, और फिर इसे à¤à¤• तरफ से आठबार गोल घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚ और दूसरी तरफ से à¤à¥€ आठबार घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚। दूसरे पैर में à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ करें।
बैठे हà¥à¤ बीच-बीच में अपनी टांगे सीधी करें। अपनी टांग और à¤à¤¡à¤¼à¥€ पहले सीधी करें और फिर हलà¥à¤•े से अपना पैर सीधा करें ताकि पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव हो। अपने टखनों को चारों ओर घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚ और अपने पंजों को हिलाà¤-डà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚।
सà¥à¤¬à¤¹ बिसà¥à¤¤à¤° से निकलने से पहले सीवन या जोड़ रहित जà¥à¤°à¤¾à¤¬à¥‡à¤‚ पहन लें, ताकि खून को आपके टखनों के पास इकà¥à¤Ÿà¥à¤ ा होने का मौका न मिले। अगर इस उपाय से मदद न मिले, तो अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे आपको कमà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥‰à¤•िंग पहनने के बारे में सलाह दे सकती हैं।
खूब सारा पानी पीà¤à¤‚। हैरत की बात यह है कि आप जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पीà¤à¤‚गी, उतना ही कम पानी आपका शरीर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करेगा।
नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें, खासकर कि चलना-फिरना, तैराकी, पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ योग या à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ बाइक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²à¥¤
पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• व संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार खाà¤à¤‚ और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे कि जैतून, नमकीन, चिपà¥à¤¸ और नमक वाले मेवे न खाà¤à¤‚। ये पानी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¤¾à¤°à¤£ को बढ़ा सकते हैं।
अगर आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कसाव और दरà¥à¤¦ न लगे, तो किसी से अपने टखनों और पैरों की मालिश करवाà¤à¤‚। मालिश के दौरान नीचे से ऊपर की तरफ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ तक जाà¤à¤‚। इससे पैरों से तरल पदारà¥à¤¥ को हटाने में मदद मिल सकेगी।
सूजन को लेकर असहज और संकोच महसूस होना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है, बहà¥à¤¤ सी गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को à¤à¤¸à¤¾ लगता है। आप गहरे रंग के टाइटà¥à¤¸, पेंट या मैकà¥à¤¸à¥€ डà¥à¤°à¥‡à¤¸ पहन सकती हैं, ताकि आपकी टांगें या टखने न दिखें और आप आरामदेह रह सकें।
कोशिश करें कि आप खà¥à¤¶ और निशà¥à¤šà¤¿à¤‚त रहें! हालांकि, आपके सूजे हà¥à¤ टखने शायद आपको असहज महसूस करा सकते हैं, मगर इडिमा à¤à¤• असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जो कि शिशॠके जनà¥à¤® के बाद दूर हो जाती है।
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